Unlimited Free Recharge Price Hike Ya Cut – Asli Sach

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                                                                     GET VIDEO        aksh   2025 में telecom users लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि  Unlimited Free Recharge  plans में price hike हुई है या cut। Calls, daily data aur internet usage अब हर user के लिए essential हैं, इसलिए price update हमेशा users की interest का main topic बनता है। इस article में हम  Unlimited Free Recharge Price Hike Ya Cut – Asli Sach  को simple, news-style और practical language में explain करेंगे, ताकि आप समझ सकें कि real scenario क्या है और किस price segment में बदलाव हुआ है। 👄👄👄 Price Hike और Price Cut – क्यों होता है? aksh Telecom companies समय-समय पर recharge plans को update करती हैं। इसके पीछे reasons हो सकते हैं: Operational costs का increase 5G aur high-speed internet rollout का...

Hot bhabhi || Romantic story

 1. हमसफर भी तुम ही हो- पति को कोरोना होने के बाद क्या हुआ संस्कृति के साथ





अविनाश सुबह समय पर उठा नहीं तो संस्कृति को चिंता हुई. उस ने अविनाश को उठाते हुए उस के माथे पर हाथ रखा. माथा तप रहा था. संस्कृति घबरा उठी. अविनाश को तेज बुखार था. 2 दिन से वह खांस भी रहा था.

संस्कृति ने कल इसी वजह से उसे औफिस जाने से मना कर दिया था. मगर आज तेज बुखार भी था. उस ने जल्दी से अविनाश को दवा खिला कर माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखी.

संस्कृति और अविनाश की शादी को अभी ज्यादा वक्त नहीं गुजरा था. 2 साल ही हुए थे. पिछले साल तक सासससुर साथ में रहते थे. मगर कोरोना में संस्कृति की जेठानी की मौत हो गई तो सासससुर बड़े बेटे के पास रहने चले गए. उस के बाद करोना का प्रकोप बढ़ता ही गया.

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2. उम्र के इस मोड़ पर: राहुल के मोहपाश में बंधी सुषमा के साथ क्या हुआ

आज रविवार है. पूरा दिन बारिश होती रही है. अभी थोड़ी देर पहले ही बरसना बंद हुआ था. लेकिन तेज हवा की सरसराहट अब भी सुनाई पड़ रही थी. गीली सड़क पर लाइट फीकीफीकी सी लग रही थी. सुषमा बंद खिड़की के सामने खोईखोई खड़ी थी और शीशे से बाहर देखते हुए राहुल के बारे में सोच रही थी, पता नहीं वह इस मौसम में कहां है. बड़ा खामोश, बड़ा दिलकश माहौल था. एक ताजगी थी मौसम में, लेकिन मौसम की सारी सुंदरता, आसपास की सारी रंगीनियां दिल के मौसम से बंधी होती हैं और उस समय सुषमा के दिल का मौसम ठीक नहीं था 

विशाल टीवी पर कभी गाने सुन रहा था, तो कभी न्यूज. वह आराम के मूड में था. छुट्टी थी, निश्चिंत था. उस ने आवाज दी, ‘‘सुषमा, क्या सोच रही हो खड़ेखड़े?’’

‘‘कुछ नहीं, ऐसे ही बाहर देख रही हूं, अच्छा लग रहा है.’’

‘‘यश और समृद्धि कब तक आएंगे?’’

‘‘बस, आने ही वाले हैं. मैं उन के लिए कुछ बना लेती हूं,’’ कह कर सुषमा किचन में चली गई.


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